Skip to main content

Letter on the issue of Deshraj Raghav

(Scroll down for the English version)

उत्तम नगर से देशराज राघव को ‘आम आदमी पार्टी’ से टिकट दिया गया है। कुछ लोगों ने देशराज राघव पर आरोप लगाए हैं कि वह राशन माफ़िया हैं। कैसे राशन माफ़िया हैं? इन लोगों का आरोप है कि उनके और उनके परिवार के लोगों के पास 13 राशन की दुकानें हैं।

इस मुद्दे पर पार्टी ने गहन जांच की है। सारे कागज़ पढ़ें और कई लोगों से बातचीत की।

जांच में पाया गया कि देशराज राघव के खिलाफ लगे आरोप सत्य नहीं हैं। देशराज राघव ने लोकायुक्त में अपना एक एफीडेविट जमा किया है। जिसकी कॉपी संलग्न है। इस एफीडेविट को आप ध्यान से पढि़ए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आठ दुकानें देशराज राघव के नाम हैं। जबकि उनमें से एक भी दुकान उनके नाम नहीं है और न पहले कभी थीं। जांच में उन दुकानों के असली मालिकों का पता भी चल गया है, जिनका ब्यौरा संलग्न एफीडेविट में दिया गया है। पूरा एपफीडेविट पढ़ने पर आपको साफ हो जाएगा कि उन पर लगाए सभी आरोप मनगढ़ंत हैं।

अब प्रश्न यह उठता है कि ये आरोप किसने लगाएं हैं? लोकायुक्त में यह झूठी शिकायत श्री अचल शर्मा ने की थी। दो वर्ष पहले तक अचल शर्मा बीजेपी के निगम पार्षद थे। एक वर्ष पूर्व हुए नगर निगम के चुनावों में देशराज राघव ने निर्दलीय लड़ते हुए अचल शर्मा को बुरी तरह से पछाड़ दिया। अब अचल शर्मा उसका बदला ले रहा है। पिछले बीस साल से मुकेश शर्मा यहां से कांग्रेस का विधायक रहा है। यहां कि जनता मुकेश शर्मा की गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुकी है। देशराज राघव जनता के बीच काम करता रहा है। इसलिए वो निर्दलीय उम्मीदवार होने के बावजूद भारी बहुमत से जीता था और उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी दोनों के उम्मीदवारों को हरा दिया था।

अब ‘आम आदमी पार्टी’ की तरफ से देशराज राघव विधायक के लिए खड़े हो रहे हैं। इस वजह से बीजेपी और कांग्रेस दोनों डर गए हैं। उन्हें डर है कि जैसे देशराज राघव ने नगर निगम के चुनाव में दोनों पार्टियों को बुरी तरह से हराया था, वैसे ही वो विधायक के चुनाव में दोनों पार्टियों को हरा देगा। इस वजह से बीजेपी के अचल शर्मा और कांग्रेस के मुकेश शर्मा इकट्ठे हो गए हैं। देशराज राघव को हराने के लिए उसे बदनाम करना शुरू कर दिया है।

क्या हमारे कार्यकर्ता देशराज राघव के खिलाफ हैं? नहीं, बिल्कुल नहीं। उम्मीदवार चुनने के लिए जब पार्टी के कार्यकर्ताओं की वोटिंग हुई तो उसमें देशराज राघव को भारी बहुमत मिला है। तो ये कौन से कार्यकर्ता हैं जो देशराज राघव की इंटरनेट पर और मीडिया में जा-जाकर खिलाफत कर रहे हैं। और ये कार्यकर्ता देशराज राघव की खिलाफत क्यों कर रहे हैं?

इनमें दो कार्यकर्ताओं के नाम प्रमुख हैं - रंजन राही और रमन मिश्रा। कुछ हफ्रते पहले उत्तम नगर में कार्यकर्ताओं की मीटिंग हुई। उस मीटिंग में इन दोनों ने देशराज राघव के खिलाफ काफी कुछ बोला। तो वहीं पर देशराज राघव के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने के लिए एक कमिटी बनाई गई और इन दोनों को उस कमिटी में डाल दिया गया। इस कमिटी को एक हफ्रते का समय दिया गया। एक हफ्रते बाद यह कमिटी देशराज राघव के खिलाफ सबूत के तौर पर अचल शर्मा की शिकायत और लोकायुक्त के नोटिस के अलावा कुछ भी सबूत पेश नहीं कर पाई। इन सभी आरोपों की गहन जांच के बाद ही उन्हें टिकट दिया गया है।

इन सब तथ्यों के बाद यह साफ हो जाता है कि देशराज राघव को बदनाम करने के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने मिलकर एक गहरा षड़यंत्र रचा है। हमें ऐसे षड़यंत्रों से सावधन रहना है।

पिछले तीन सालों में इन बीजेपी और कांग्रेस वालों ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, कुमार विश्वास और प्रशांत भूषण इत्यादि लोगों को भी बदनाम करने की।

लेकिन सच्चाई तो सच्चाई होती है। उनकी कोई भी चाल चल नहीं पाई। अब ये लोग हमारे उम्मीदवारों के खिलाफ षड़यंत्र रचेंगे।

‘आम आदमी पार्टी’ सच्चाई और ईमानदारी की बुनियाद पर खड़ी हुई है। हम बार-बार यह ऐलान करते रहे हैं और फिर से यह ऐलान करते हैं कि अगर हमारे किसी भी उम्मीदवार के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई भी सबूत मिलता है तो आप हमें लाकर दीजिए। चुनाव के एक दिन पहले भी यदि आप हमें सबूत देंगे तो हम उसकी टिकट कैंसल कर देंगे। सीट खाली छोड़ देंगे, लेकिन गलत आदमी को विधानसभा के अंदर नहीं जाने देंगे।

 

Download the Affidavit (Hindi) (English)

 

Deshraj Raghav has been awarded a ticket from the Aam Aadmi Party for the Uttam Nagar Vidhan Sabha seat.  Some people have accused Deshraj Raghav of running a Ration Mafia. What Ration Mafia? He has been accused of owning 13 Ration shops along with his family members.

Aam Aadmi Party has conducted a detailed inquiry into the matter. We have read all the documents and talked to a lot of people.

Our investigation has found that the allegations against Deshraj Raghav are not true. He has submitted an affidavit to the Lokayukta, whose copy is attached. Please read this affidavit carefully. The complainants had accused Raghav of having 8 shops registered in his name. However, there is not even one shop  registered in his name and never was. Our inquiry has also revealed the actual owners of those shops, and the attached affidavit has their details. Once you read the full affidavit it will become clear to you that these allegations are entirely baseless and made up.

Now the question arises, who accused Raghav in the first place? This false complaint was submitted to the Lokayukta by Mr Achal Sharma.  Till two years ago, Achal Sharma was the municipal councillor from the BJP.  A year ago, Deshraj Raghav contesting as an independent defeated  Achal Sharma by a huge margin in the municipal elections. Achal is now taking revenge. For the last 20 years, Mukesh Sharma of the Indian National Congress has been the MLA from Uttam Nagar. The people of Uttam Nagar are deeply frustrated and anguished with Sharma’s reign that has fostered vandalism and corruption. Deshraj Raghav, the AAP Candidate, instead works directly among the people. That is why he won despite contesting as an independent, and that too with a huge majority, defeating both Congress and BJP candidates.

Now Deshraj Raghav is being fielded as the “Aam Aadmi Party” Candidate for the Uttam Nagar Assembly seat. No wonder the BJP and Congress are both scared. They fear that just as Deshraj defeated their candidates by heavy margins in the municipal elections, he can defeat them again. That is why Achal Sharma of the BJP and Mukesh Sharma of the congress have joined hands.  In order to defeat Deshraj Raghav they have started to defame him. 

Are the AAP workers against Raghav? No, not at all. In the candidate selection process when the volunteers cast their votes, Deshraj received a big majority of votes. So who are these volunteers who have been speaking against Deshraj Rahav on the internet and in the media and why are they doing so?

Two volunteer names are prominent - Ranjan Rahi and Raman Mishra. Some weeks ago, Uttamnagar volunteers had a meeting. In that meeting, these two said quite a lot against Deshraj Raghav.  Right there and then a committee was created to collect any possible evidence to substantiate these allegations against Deshraj Raghav and these two volunteers were included in it. This committee was given a week’s time. After a week, this committee was not able to gather any proof against Deshraj Raghav other than the complaint of Achal Sharma and the Lokayukta notice. He has been given a ticket only after thoroughly investigating all these charges.

From all these facts it is clear that the BJP and Congress have together hatched a deep conspiracy  to malign Deshraj Raghav. We have to be careful of such conspiracies.

In the last three years, BJP and Congress have tried to tarnish the reputations of Arvind Kejriwal, Manish Sisodia, Kumar Vishwas and Prashant Bhushan among others. The truth is the truth and it always prevails. None of their tricks succeeded. Now they will hatch conspiracies to malign our candidates.

Aam Aadmi Party is built on a foundation of truth and honesty. We have been repeating this many times and declare it again that if you find any evidence of corruption against any of our candidates, please give it to us. Even if you give us proof a day before the elections, we will cancel his/her ticket. We will leave the seat empty, but will not allow a wrong person to enter to the legislative assembly.

Make a Donation